निर्णयः भारी बर्फबारी के चलते उत्तरकाशी में ट्रेकिंग और पर्वतारोहण पर रोक

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उत्तरकाशी: उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार मौसम खराब होने और भारी बर्फबारी को देखते हुए गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन ने ट्रेकिंग एवं पर्वतारोहण गतिविधियों पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। सुरक्षा के मद्देनजर पार्क प्रशासन ने फिलहाल नए ट्रेकिंग एवं पर्वतारोहण अभियानों की अनुमति पर रोक लगाई है।

बीते शनिवार रात मौसम में अचानक बदलाव के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई थी। इसके चलते हाई अल्टीट्यूड एक्सपीडिशन और ट्रेकिंग के लिए गए करीब 136 पर्वतारोही एवं ट्रेकर विभिन्न स्थानों पर फंस गए थे। सूचना मिलने पर जिला प्रशासन, सेना, पुलिस, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमों ने हर्षिल स्थित सेना के हेलीपैड से हेलीकॉप्टर रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

सोमवार और मंगलवार को चले रेस्क्यू अभियान के दौरान 67 पर्वतारोहियों एवं ट्रेकरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं, 53 पर्वतारोहियों एवं ट्रेकरों ने स्वयं वापस लौटने की सूचना दी, जबकि मांउट श्रीकंठ आरोहण के लिए गया सीमा सुरक्षा बल का 18 सदस्यीय दल अभियान जारी रखने की जानकारी दी गई।

रेस्क्यू कर वापस लाए गए ट्रेकरों ने कालिंदी खाल बेस, ऑडेन कोल पास सहित उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पांच से छह फीट तक बर्फबारी होने की जानकारी दी है। भारी बर्फबारी और चुनौतीपूर्ण मौसम की स्थिति को देखते हुए गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन ने पर्वतारोहण एवं ट्रेकिंग गतिविधियों के लिए अनुमति जारी करने पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया है।

गंगोत्री नेशनल पार्क के उप निदेशक मयंक गर्ग ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई है। पर्वतारोहियों एवं ट्रेकरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। मौसम की स्थिति सामान्य होने और परिस्थितियों के सुरक्षित होने के बाद ही आगे अनुमति देने पर निर्णय लिया जाएगा।

इधर, उत्तरकाशी वन प्रभाग के डीएफओ जीवन मोहन दगाड़े ने बताया कि बारिश को देखते हुए दयारा बुग्याल और डोडीताल समेत अन्य ट्रेक रूटों पर भी आवाजाही रोकी गई है। इन मार्गों को जिलाधिकारी की अनुमति के बाद ही पुनः खोला जाएगा।

प्रशासन ने पर्यटकों, ट्रेकरों और पर्वतारोहियों से मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक जोखिम न लेने तथा संबंधित विभागों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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