Uttarakhand Assembly Session: सदन में विपक्ष का हंगामा, सदन में उठा बेलगाम ब्यूरोक्रेसी का मुद्दा

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देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा सत्र का आज शुक्रवार को तीसरा दिन है। बुधवार को सरकार ने अनुपूरक बजट के साथ सदन में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के चिह्नित आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी सेवा में आरक्षण विधेयक समेत कुल 12 विधेयक पटल पर रखे थे। आज सदन में प्रदेश सरकार अनुदान मांगों पर विभागवार चर्चा के बाद 11321 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित कराएगी। इसी दिन सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो सकता है।

सदन में उठा बेलगाम ब्यूरोक्रेसी का मुद्दा

मॉनसून सत्र में तीसरे दिन सदन के अंदर बेलगाम ब्यूरोक्रेसी का मुद्दा उठाया गया। सदन में कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने व्यवस्था के अधिकार के तहत बेलगाम अधिकारों का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी विधायकों का फोन नहीं उठाते हैं और न ही अपनी जिम्मेदारी का ठीक से निर्वाह करते हैं। इस मुद्दे को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने गंभीरता से लिया और मुख्य सचिव को तलब किया। दरअसल, कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने सदन में PMGSY के मुख्य अभियंता RP सिंह को बुलाने की मांग की और कहा कि इस अधिकारी की संपत्ति की जांच कराई जाए।

सत्ताधारी पार्टी के कई विधायकों ने लगाए गंभीर आरोप
बेलगाम ब्यूरोक्रेसी का मुद्दा न सिर्फ विपक्ष के विधायकों ने उठाया, बल्कि सत्ताधारी पार्टी के कई विधायकों ने भी अधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सरकार के कई विधायकों ने भी इस मामले में प्रीतम सिंह का साथ दिया। प्रीतम सिंह ने PMGSY के मुख्य अभियंता RP सिंह को भ्रष्ट बताते हुए कहा कि इस अधिकारी के पीछे अदृश्य ताकत है, जिसका वो जल्द पर्दाफाश करेंगे। विपक्ष के विधायकों ने RP सिंह से जुड़े कई मामले सदन में रखे।

स्पीकर ऋतु खंडूड़ी दिखीं सख्त

वहीं, विधायकों की इस शिकायत पर स्पीकर ऋतु खंडूड़ी भी सख्त नजर आईं। उन्होंने साफ किया कि इस तरह के मामले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। स्पीकर ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि वे तीसरी बार सरकार को इस बारे में निर्देशित कर रही हैं। यदि उनका निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो वो मजबूरी में LBSNA एकेडमी को एक पत्र लिखेंगी कि जिसमें कहा जाएगा कि अधिकारियों को प्रोटोकॉल सिखाया जाए।

बिजली कटौती पर सदन में विपक्ष का हंगामा
भोजनावकाश के बाद सदन की कार्रवाई फिर शुरू हुई। नियम-58 के तहत बिजली कटौती पर चर्चा की गई। इस दौरान सदन में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विधायक गोपाल सिंह राणा ने कहा कि ऊर्जा प्रदेश के हालात बदतर हैं। जरा सी हवा में 6-7 दिन बिजली गुल रहती है। लोहे की तारों से बिजली आपूर्ति की जा रही है। विधायक आदेश चौहान ने कहा कि गर्मी में पानी की कमी में बिजली नहीं, बरसात में सिल्ट और सर्दी में बर्फबारी की वजह से पानी कम होने से बिजली उत्पादन घट जाता है। सुमित ह्रदयेश ने कहा कि 2012 से 2017 कांग्रेस की सरकार में मेरी माता वित्त मंत्री थीं, उन्होंने घोषणा की थी कि हल्द्वानी में कटौती नहीं होगी। लेकिन अब हल्द्वानी में 6 से 7 घंटे बिजली गुल होना मामूली बात हो गई है। ममता राकेश ने कहा कि अघोषित बिजली कटौती की वजह से लोग आज सहारनपुर जाने के बहाने ढूंढते हैं। अधिकारी को फोन करें लेकिन समाधान नहीं होता। अनुपमा रावत. ने कहा कि 8 से 12 घंटे अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। सभी वर्ग परेशान हैं। बिजली कहां जा रही है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि ऊर्जा प्रदेश बनाने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की जरूरत है। बीजेपी में काम करने की क्षमता, विजन नहीं है। कटौती नहीं हो रही, अघोषित कटौती की जा रही है। राज्य में 30 लाख से ज्यादा उपभोक्ता परेशान हैं।

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