पहलः हर्षिल की खूबसूरती बिगाडने वालों पर लगेगा जुर्माना

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उत्तरकाशीः  हर्षिल सहित नदियों व आसपास के क्षेत्र में गंदगी फैलाने व प्लास्टिक का प्रयोग करने वालों पर अब जुर्माना लगाया जाएगा। इसके लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन उपनियम 2026 के तहत ग्राम पंचायत की ओर से सभी नियम लागू कर दिए गए हैं। साथ ही जल्द ही खुली बैठक का आयोजन कर पर्यावरण प्रहरियों और ईको वारियर्स की नियुक्ति की जाएगी।

ग्राम पंचायत हर्षिल की प्रधान सुचिता रौतेला ने बताया कि हर वर्ष हर्षिल में देश-विदेश से हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। भीड़ अधिक होने के कारण ग्राम पंचायत को कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था में समस्या का सामना करना पड़ता था। साथ ही कूड़ा अधिक होने के कारण प्राकृतिक जैव विविधताओं सहित नदियां भी दूषित हो रही थी।

ग्राम पंचायत की ओर से एक माह पूर्व एक स्वयंसेवी संस्था के साथ मिलकर कूड़ा एकत्रीकरण और निस्तारण के लिए कार्य शुरू किया गया है। इसके साथ ही अब कूड़ा प्रबंधन के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन उपनियम को गांव में लागू किया गया है। इसके तहत नदियों, बाजार, ट्रैक रूट व आसपास के क्षेत्रों में कूड़ा फैलाने वालों पर जुर्माने सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी।

उपभोक्ताओं को भी देना होगा निर्धारित शुल्क
कचरा प्रबंधन व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए विभिन्न श्रेणियों के लिए उपभोक्ता शुल्क निर्धारित किया गया है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 100 रुपये प्रति माह, दुकान के लिए 250, ढाबा 500, होमस्टे 500, रेस्टोरेंट-कैफे 750 और होटल एवं रेस्टोरेंट के लिए 1000 प्रति माह शुल्क निर्धारित है। आयोजनों के लिए 1000 प्रतिदिन और बाहरी टैक्सी के लिए 100 प्रति टैक्सी शुल्क का प्रावधान है।

उपनियमों में भागीरथी नदी, उसकी सहायक धाराओं, जलस्त्रोतों, नालों, वन क्षेत्रों व प्राकृतिक स्थलों में किसी भी प्रकार का कचरा डालना दंडनीय बनाया गया है। साथ ही सार्वजनिक स्थानों, ट्रैकिंग रूट्स, कैंपिंग साइट्स और टूरिस्ट स्पॉट पर कचरा फैलाना और खुले में कचरा जलाने पर भी कार्रवाई का प्रावधान है।

रौतेला ने बताया कि ग्राम पंचायत की खुली बैठक में जल्द ही इसका प्रस्ताव पारित कर इसे सख्ती से धरातल पर लागू किया जाएगा। साथ ही ग्रामीण इसमें पर्यावरण प्रहरी के रूप में कार्य करेंगे। कहा कि नदियों में कूड़ा डालने वालों पर दो हजार तक जुर्माना लगाया जाएगा। उसके बावजूद भी अगर कोई नहीं मानता है तो उस पर जुर्माना बढ़ाकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही होटलों सहित होमस्टे व व्यापारियों से भी उपभोक्ता शुल्क लिया जाएगा।

जुर्माने की रकम रुपये में
सार्वजनिक स्थान पर कचरा फैलाना 1000
नदी/जलस्रोत में कचरा डालना- 2000
खुले में कचरा जलाना- 2000
कचरा अलग-अलग न करना- 200
होटल/रेस्टोरेंट द्वारा उपनियमों का पालन न करना-5000
प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग/बिक्री-1000
ट्रेकिंग रूट/टूरिस्ट स्पॉट पर कचरा फैलाना 1000
आयोजन के बाद स्थल साफ न करना- 5,000
फिल्म/डॉक्यूमेंट्री शूट के दौरान कचरा फैलाना-10000
कचरा संग्रहण में बाधा डालना- 2000
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